वीएलसी के/की फीचर/विशेषताएं
वाउचर स्तर संकलन (VLC) महालेखाकार (लेखा एवं अधिकारिता), पंजाब, चंडीगढ़ के कार्यालय का एक एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर है, जो जनवरी 2000 से सफलतापूर्वक कार्य कर रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य खातों का संकलन करना है। यह Oracle 11g पर क्लाइंट-सर्वर आर्किटेक्चर में कार्य करता है। महालेखाकारों के 19वें सम्मेलन की सिफारिशों के आधार पर, भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक ने खातों के संकलन को प्राथमिक स्तर (अर्थात वाउचर स्तर) से कम्प्यूटरीकृत करने का निर्णय लिया, ताकि खातों के संकलन में गति, शुद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
वीएलसी एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर के कार्य:
- मासिक सिविल खातों का संकलन और तैयारी करना।
- वित्त लेखा और विनियोग लेखा तैयार करना।
- खातों से संबंधित डेटा का अधिक प्रभावी और तेज़ प्रोसेसिंग करना।
- विभिन्न प्रकार की प्रबंधन सूचना प्रणाली (MIS) रिपोर्ट तैयार करना, जो अलग-अलग स्तरों पर सही और समय पर जानकारी देकर राज्य सरकार के अधिकारियों को निर्णय लेने में मदद करती हैं।
- डेटा का विश्लेषण करने के लिए उसका बेहतर उपयोग संभव बनाना।
- महालेखाकार (लेखा परीक्षा) की आवश्यकताओं के अनुसार रिपोर्ट तैयार करना।
- राज्य सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा बजट के विरुद्ध किए गए व्यय की प्रभावी निगरानी करना।
- मास्टर मॉड्यूल
- बजट मॉड्यूल
- DC मॉड्यूल
- फॉरेस्ट मॉड्यूल
- अनुदान मॉड्यूल
- ऋण मॉड्यूल
- जमा मॉड्यूल
- चालू खाता मॉड्यूल
- ऑडिट मॉड्यूल
- बुक मॉड्यूल
- GPF मॉड्यूल
- HBA/MCA मॉड्यूल
- एन्यूमरेशन मॉड्यूल
- सिक्योरिटी मॉड्यूल
- GPF से संबंधित कार्य राज्य सरकार के पास है। पंजाब सरकार, AG के माध्यम से कटौती करके HBA/MCA का भुगतान नहीं कर रही है।
Enumeration मॉड्यूल का उपयोग भी नहीं किया जा रहा है।

