सुश्री सलोनी जैन, भा.ले.प.एवं ले.से

उप महालेखाकार (प्रशासन एव् स्थानीय निकाय विंग, लेखा परीक्षा प्रबंधन समूह द्वितीय ईएस-I

सुश्री सलोनी जैन भारतीय लेखापरीक्षा एवं लेखा सेवा (आईए एंड एएस) की 2020 बैच की अधिकारी हैं। उन्होंने दिल्ली के राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय से बी.ए. एलएल.बी (ऑनर्स) की उपाधि प्राप्त की है। इससे पहले, उन्होंने दिल्ली स्थित सीएजी मुख्यालय में सहायक निदेशक (वाणिज्यिक), तेलंगाना के पीएजी (लेखापरीक्षा) कार्यालय में उप महालेखाकार (एएमजी-III) और तेलंगाना के पीएजी (ए एंड ई) कार्यालय में उप महालेखाकार (प्रशासन) के रूप में कार्य किया है।

श्रीमती एम स्वरूपा, भा.ले.प.एवं ले.से

उप महालेखाकार (लेखा परीक्षा प्रबंधन समूह-I)

श्रीमती एम स्वरूपा 2021 बैच के एक भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा सेवा (IA & AS) अधिकारी हैं। उन्होंने 24-04-2025 से तेलंगाना के प्रधान महालेखाकार (लेखा परीक्षा) कार्यालय में उप महालेखाकार (AMG-I) का पदभार संभाला। वह गीथम विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ कॉमर्स (स्नातक) और स्टेट बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजुकेशन, आंध्र प्रदेश से आर्किटेक्चर असिस्टेंटशिप में डिप्लोमा हैं। उन्होंने वर्ष 1989 में प्रधान महालेखाकार (ए एंड ई), तेलंगाना (आंध्र प्रदेश का समग्र राज्य) के कार्यालय में अपना करियर शुरू किया और विभिन्न क्षमताओं में प्रशासन, पेंशन, कानूनी, लेखा समूहों जैसे विभिन्न समूहों में कार्य किया। उन्होंने चेन्नई में शाखा कार्यालय के लेखा परीक्षा, वित्त और संचार के प्रधान निदेशक कार्यालय में उप निदेशक के रूप में काम किया है।

श्री के. शशिधर, भा.ले.प.एवं ले.से

उप महालेखाकार (लेखा परीक्षा प्रबंधन समूह-III)

श्री के. शशिधर 2021 बैच के भारतीय लेखापरीक्षा और लेखा सेवा (IA&AS) के अधिकारी हैं। उन्होंने उस्मानिया विश्वविद्यालय से वाणिज्य में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की है और उन्हें राज्य प्राप्ति लेखापरीक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी लेखापरीक्षा, केंद्रीय राजस्व लेखापरीक्षा और प्रशासन सहित विभिन्न लेखापरीक्षा क्षेत्रों में व्यापक अनुभव प्राप्त है। अपने कार्यकाल के दौरान, वे अंतरराष्ट्रीय लेखापरीक्षा कार्यों से भी जुड़े रहे हैं, और उन्होंने कुआलालंपुर स्थित विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र सचिवालय की बाह्य लेखापरीक्षा में योगदान दिया है। वर्तमान पदभार ग्रहण करने से पूर्व, उन्होंने चेन्नई स्थित प्रधान निदेशक लेखापरीक्षा (केंद्रीय) कार्यालय के अधीन कोच्चि शाखा कार्यालय में उप निदेशक (प्रशासन, सीमा शुल्क एवं जीएसटी) के रूप में अपनी सेवाएं दीं। वे वर्तमान में प्रधान महालेखाकार (लेखापरीक्षा) के कार्यालय, तेलंगाना, हैदराबाद में उप महालेखाकार (ले.प्र.स.–III) के रूप में कार्यरत हैं और राजस्व क्षेत्र तथा स्थानीय शासन संस्थाओं से संबंधित लेखापरीक्षा की देखरेख का दायित्व संभाल रहे हैं।

श्री मुनिंद्र कुमार, भा.ले.प.एवं ले.से

उप महालेखाकार (लेखा परीक्षा प्रबंधन समूह-II)

श्री मुनिंद्र कुमार 2024 बैच के भारतीय लेखापरीक्षा और लेखा सेवा (IA&AS) के अधिकारी हैं। उन्होंने बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान (BIT), मेसरा और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM), अहमदाबाद से शिक्षा प्राप्त की है। सेवा में शामिल होने से पहले, उन्होंने टाटा, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) और सैमसंग के साथ काम करते हुए कॉर्पोरेट और नियामक क्षेत्रों में पेशेवर अनुभव प्राप्त किया है। उद्योग और नियामक क्षेत्र के इस संयुक्त अनुभव से उनके सार्वजनिक लेखापरीक्षा के काम में एक विशिष्ट वित्तीय और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण झलकता है। उन्होंने राष्ट्रीय लेखापरीक्षा एवं लेखा अकादमी (NAAA), शिमला में अपना प्रारंभिक प्रशिक्षण पूरा किया। अपनी ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग के दौरान, उन्होंने लेखा एवं हकदारी कार्यालय हेतु वित्तीय संकेतक विकसित करने की पहल की, जिससे वित्तीय जानकारी को एक नया विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण मिला। वे वर्तमान में कार्यालय प्रधान महालेखाकार (लेखापरीक्षा), तेलंगाना, हैदराबाद में उप महालेखाकार के रूप में कार्यरत हैं और लेखापरीक्षा प्रबंधन समूह-II के पद का स्वतंत्र प्रभार संभाल रहे हैं।

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