श्रीमती सौम्या परिहार, निदेशक (प्रशासन) 

श्रीमती सौम्या परिहार जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली से राजनीतिक अध्ययन में एम.फिल जेआरएफ हैं। वह वर्ष 2009 में एक परिवीक्षार्थी अधिकारी के रूप में भारतीय लेखापरीक्षा एवं लेखा सेवा में सम्मिलित हुई और सहायक महालेखाकार के रूप में अपना कार्यकाल आरंभ किया। भा.ले.प. एवं ले.वि. में प्रवेश के उपरांत उन्होंने भा.ले.प. एवं ले.वि. के विभिन्न पदों का प्रभार संभाला, यथा:

  1. सितम्बर, 2011 से मई, 2013 तक प्रधान महालेखाकार (ले.व.ह.), इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश) के कार्यालय में उप महालेखाकार (ले.व.ह.) के पद पर निधियों का प्रभार संभाला।
  2. जून 2013 से दिसंबर 2017 तक- प्रधान महालेखाकार (ले.व.ह.), झारखंड, रांची के कार्यालय में उप महा.ले./वरि.उप महा.ले. के पद पर प्रशासन तथा लेखा व वीएलसी का प्रभार संभाला।
  3. दिसंबर, 2017 से अक्तूबर, 2018 तक प्रधान महालेखाकार (लेखापरीक्षा), मुंबई, महाराष्ट्र के कार्यालय में वरिष्ठ उप महा.ले. (राजस्व) के पद पर रहीं।
  4. अक्तूबर, 2018 से अक्तूबर, 2020 तक- महानिदेशक लेखापरीक्षा (केंद्रीय राजस्व), मुंबई, महाराष्ट्र के कार्यालय में निदेशक (जीएसटी और सीआरए) के पद पर जीएसटी और सीआरए का प्रभार संभाला।
  5. अक्तूबर, 2020 से अब तक- महानिदेशक लेखापरीक्षा (गृह, शिक्षा और कौशल विकास), नई दिल्ली के कार्यालय में निदेशक (एएमजी-1) के पद पर कार्यरत हैं।
  6. जनवरी, 2022 से अब तक - महानिदेशक लेखापरीक्षा (केंद्रीय प्राप्ति) के कार्यालय में निदेशक (प्रशासन) के पद पर कार्यरत हैं।

 

डॉ. ज्योति चौरसिया, निदेशक (सीआरए/जीएसटी)

डॉ. ज्योति चौरसिया भारतीय लेखापरीक्षा एवं लेखा सेवा की 2015 बैच की अधिकारी हैं।उन्होंने चिरंजीव भारती स्कूल, पालम विहार, गुड़गांव से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की और इसके उपरांत सुधा रस्तोगी कॉलेज ऑफ डेंटल साइंसेज एंड रिसर्च, फरीदाबाद, हरियाणा से बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी के रूप में स्नातक की उपाधि प्राप्त की।

सरकारी सेवा में कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत, उन्होंने राष्ट्रीय लेखापरीक्षा और लेखा अकादमी, शिमला में अपना प्रशिक्षण पूरा किया। इसके बाद, उन्हें ओडिशा में उप महालेखाकार के पद पर तैनात किया गया था। अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, खेलकूद एवं युवा सेवाओं और आवास व शहरी विकास क्षेत्रों में कई लेखापरीक्षा किए, उनमें सबसे उल्लेखनीय हैं:

स्वास्थ्य क्षेत्र के विभिन्न लेखापरीक्षा में अपने अनुभव के कारण, उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण लेखापरीक्षण और सतत विकास केंद्र (आईसीईडी), जयपुर में अतिथि संकाय के रूप में भी कार्य किया है।

अपने खाली समय में, उन्हें पढ़ाई (अंग्रेजी साहित्य- मुख्यत: उपन्यास) करना और यात्रा करना पसंद है।

  • "जिला अस्पतालों में स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं के वितरण"-2018 पर निष्पादन लेखापरीक्षा
  • "स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और उच्च शिक्षा विभाग में मानव संसाधन प्रबंधन" 2018 पर विस्तृत अनुपालन लेखापरीक्षा
  • "उच्च शिक्षा के परिणाम"-2019 पर निष्पादन लेखा परीक्षा
  • "ओडिशा राज्य चिकित्सा निगम लिमिटेड और ई-निरामया द्वारा दवाओं, चिकित्सा उपभोग्य सामग्रियों और उपकरणों की खरीद और वितरण" 2019 पर विस्तृत अनुपालन लेखापरीक्षा

 

श्री कृष्ण प्रताप, उप निदेशक (आर ए आई टी) :-

श्री कृष्ण प्रताप, आई. आई. टी. खड़गपुर से प्रौद्योगिकी के स्नातक (B.Tech.) एवं प्रौद्योगिकी के परास्नातक (M.Tech.) की उपाधि प्राप्त है। वह वर्ष 2019 में एक परिवीक्षार्थी अधिकारी के रूप में भारतीय लेखापरीक्षा एवं लेखा सेवा में सम्मिलित हुए और कार्यालय प्रधान महालेखाकार (लेखापरीक्षा), इटानगर (अरुणाचल प्रदेश) में सहायक महालेखाकार के रूप में अपना कार्यकाल आरंभ किया। भा.ले.प. एवं ले.वि. में प्रवेश के उपरांत उन्होंने भा.ले.प. एवं ले.वि. के निम्न पदों का कार्य प्रभार संभाला है, यथा:

 

  1. 06 सितम्बर, 2021 से 04 अप्रैल, 2024 तक प्रधान महालेखाकार (लेखापरीक्षा), इटानगर, (अरुणाचल प्रदेश) के कार्यालय में उप महालेखाकार (लेखापरीक्षा) के पद पर कार्य  प्रभार संभाला।
  2. वर्तमान में, 05 अप्रैल, 2024 से अब तक कार्यालय महानिदेशक लेखापरीक्षा (केंद्रीय प्राप्ति), नई दिल्ली में उप निदेशक (आर ए आई टी) के पद पर कार्यरत हैं।

 

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