Audit Reports
Madhya Pradesh
वर्ष 2026 का प्रतिवेदन संख्या 1, मध्य प्रदेश शासन पर भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक का वर्ष 2024-25 के लिए राज्य वित्त पर प्रतिवेदन
अवलोकन
यह प्रतिवेदन संविधान के अनुच्छेद 151 के अंतर्गत मध्य प्रदेश के राज्यपाल को प्रस्तुत करने हेतु तैयार किया गया है। मध्य प्रदेश शासन की राज्य वित्त लेखापरीक्षा प्रतिवेदन का उद्देश्य वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान राज्य के वित्तीय निष्पादन का आकलन करना और वित्तीय आँकड़ों के लेखापरीक्षा विश्लेषण के आधार पर राज्य विधानसभा को सुझाव प्रदान करना है। प्रतिवेदन में तीन अध्याय शामिल हैं—
अध्याय I – राज्य के वित्त का विहंगावलोकन यह अध्याय प्रतिवेदन के आधार और दृष्टिकोण का वर्णन करता है तथा राज्य की वित्तीय स्थिति का एक व्यापक परिप्रेक्ष्य प्रस्तुत करता है। इसमें प्रमुख सूचकों का व्यापक राजकोषीय विश्लेषण तथा राज्य की राजकोषीय स्थिति, जिसमें घाटा/अधिशेष, ऋण रूपरेखा और प्रमुख लोक लेखा लेन-देन शामिल हैं।
अध्याय II – बजटीय प्रबंधन यह अध्याय राज्य के विनियोग लेखों पर आधारित है और राज्य शासन के विनियोगों तथा आवंटन प्राथमिकताओं की समीक्षा करता है तथा बजटीय प्रबंधन से संबंधित संवैधानिक प्रावधानों से हुए विचलनों पर प्रतिवेदन प्रस्तुत करता है।
अध्याय III – वित्तीय प्रतिवेदन प्रणाली यह अध्याय राज्य शासन के विभिन्न प्राधिकरणों द्वारा प्रस्तुत लेखों की गुणवत्ता तथा राज्य शासन के विभिन्न विभागों द्वारा निर्धारित वित्तीय नियमों एवं विनियमों का अनुपालन न करने से संबंधित मुद्दों पर टिप्पणी करता है। विभिन्न शासकीय विभागों में निष्पादन लेखापरीक्षा एवं अनुपालन लेखापरीक्षा तथा सांविधिक निगमों, मंडलों और शासकीय कंपनियों की लेखापरीक्षा से उद्भूत आपत्तियों एवं राजस्व प्राप्तियों पर आपत्तियों के निष्कर्षों को सम्मिलित करते हुए प्रतिवेदनों को अलग-अलग प्रस्तुत किया जाता है।
भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक द्वारा जारी लेखापरीक्षा मानकों के अनुरूप लेखापरीक्षा की गई है।
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वर्ष 2026 का प्रतिवेदन संख्या 1, मध्य प्रदेश शासन पर भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक का वर्ष 2024-25 के लिए राज्य वित्त पर प्रतिवेदन
(5.14 एमबी)
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