मार्च 2024 को समाप्त अवधि के लिए भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक का प्रतिवेदन (सयुंक्त लेखापरीक्षा प्रतिवेदन – सिविल) 2026 की प्रतिवेदन संख्या 4 - हरियाणा सरकार, भारत के संविधान के अनुच्छेद 151 के अंतर्गत हरियाणा की विधानसभा के पटल पर रखने हेतु माननीय राज्यपाल, हरियाणा को प्रस्तुत करने के लिए तैयार किया गया था। लेखापरीक्षा प्रतिवेदन राज्य सरकार को दिनांक 14 अगस्त 2026 को अग्रेषित किया गया था और विधानसभा में दिनांक 1 सितम्बर 2026 को प्रस्तुत किया गया है।
इस प्रतिवेदन में हरियाणा सरकार के विभागों की निष्पादन लेखापरीक्षा और अनुपालन लेखापरीक्षा के महत्वपूर्ण परिणाम सम्मिलित हैं तथा इसमें चार अध्याय शामिल हैं।
अध्याय-1 में लेखापरीक्षा के प्राधिकार, लेखापरीक्षा की योजना और सीमा तथा लेखापरीक्षा के प्रति सरकार की जवाबदेही की व्याख्या की गई है, अध्याय 2 में निष्पादन लेखापरीक्षा के परिणाम शामिल है, अध्याय 3 में विषय विशिष्ट अनुपालन लेखापरीक्षा की टिप्पणियां शामिल हैं और अध्याय 4 में सरकारी विभागों की अनुपालन लेखापरीक्षा से उत्पन्न टिप्पणियां शामिल हैं।