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भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक का मार्च 2023 को समाप्त अवधि के लिए प्रतिवेदन (अनुपालन लेखापरीक्षा - राजस्व एवं सिविल), उत्तर प्रदेश सरकार, वर्ष 2025 का प्रतिवेदन संख्या 13, भारत के संविधान के अनुच्छेद 151 के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश राज्य विधानमंडल के पटल पर रखने के लिए तैयार किया गया है।
यह प्रतिवेदन दो भागों में हैं। भाग-I वित्त एवं राजस्व विभागों से सम्बन्धित है तथा इसमें दो अध्याय हैं, अध्याय-I एवं अध्याय-II । अध्याय-I में सामान्य विषयवस्तु है एवं अध्याय-II में ‘उत्तर प्रदेश मे एकीकृत वित्तीय प्रबन्धन प्रणाली (आईएफएमएस) के कार्यान्वयन पर सूचना प्रोद्योगिकी लेखापरीक्षा’ से सम्बन्धित विषय विशिष्ट अनुपालन लेखापरीक्षा तथा छः प्रस्तर सम्मिलित हैं जिनका वित्तीय प्रभाव कुल ₹26.90 करोड़ है, इनमें से सम्बन्धित विभागों ने ₹1.53 करोड़ के लेखापरीक्षा प्रेक्षण को स्वीकार किया तथा ₹0.30 करोड़ की वसूली की सूचना दी गई। भाग-II आर्थिक क्षेत्र (सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के अतिरिक्त) से सम्बन्धित है तथा इसमें दो अध्याय हैं, अध्याय-III और अध्याय-IV हैं। अध्याय-III आर्थिक क्षेत्र के अन्तर्गत विभागों एवं संस्थाओं (सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के अतिरिक्त) के क्रियाकलाप से सम्बन्धित है। अध्याय-IV में ‘पर्यटन निदेशालय, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा केन्द्रीय एवं राज्य योजनाओं के अंतर्गत पर्यटन विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन’ पर विषय-विशिष्ट अनुपालन लेखापरीक्षा तथा एक प्रस्तर सम्मिलित हैं जिनका वित्तीय प्रभाव कुल ₹95.42 करोड़ है।